indian societies act 1860
सोसायटीज़ रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1860 परिचय सोसायटीज़ रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1860 भारत में सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए बनाई गई संस्थाओं के पंजीकरण के लिए कानूनी ढांचा प्रदान करता है। सोसायटी क्या है? सोसायटी सात या उससे अधिक व्यक्तियों का समूह है जो एक साझा उद्देश्य के लिए एक साथ काम करते हैं। यह एक गैर-लाभकारी संगठन है जो सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, या शैक्षिक उद्देश्यों के लिए काम करता है। सोसायटी पंजीकरण के लाभ सीमित देयता: पंजीकृत सोसायटी के सदस्यों की व्यक्तिगत देयता सोसायटी की संपत्ति तक सीमित होती है। कर लाभ: पंजीकृत सोसायटी को आयकर और अन्य करों में छूट प्राप्त हो सकती है। कानूनी मान्यता: पंजीकृत सोसायटी को एक कानूनी इकाई के रूप में मान्यता प्राप्त होती है। सरकारी अनुदान: पंजीकृत सोसायटी सरकारी अनुदान और सहायता प्राप्त करने के लिए पात्र हो सकती है। सोसायटी पंजीकरण की प्रक्रिया सोसायटी पंजीकरण की प्रक्रिया राज्य से राज्य में भिन्न होती है। आम तौर पर, निम्नलिखित दस्तावेजों को सोसायटी पंजीकरण के लिए प्रस्तुत करना होता है:...