rajasthan process

 

राजस्थान में ट्रस्ट रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया क्या है



राजस्थान में ट्रस्ट रजिस्ट्रेशन की  प्रक्रिया क्या है

सबसे पहले निम्न 4 चीजों का आवश्यकता होगी

1 ट्रस्ट का विधान

2 सदस्यों के परिचय पत्र

3 रजिस्टर में प्रस्ताव

4 फार्म विभाग द्वारा उपलब्ध

यह चारों चीजें जमा करवाने के बाद विभाग द्वारा नोटिस जारी किया जायेगा 

वह नोटिस अखबार में छपवाना पड़ेगा। 

नोटिस अखबार में छपवाने के बाद विभाग द्वारा ट्रस्ट का रजिस्ट्रीकरण प्रमाण पत्र जारी किया जावेगा। उसकी फीस 5 रूपये मात्र होगी।

विधान 500 रूपये के स्टाम्प पर होगा।


निम्न प्रपत्र संख्या 6 है । यह फार्म है जिस पर ट्रस्ट रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करना है। यह विभाग की इस वेबसाइट से कापी किया है। उस वेबसाइट पर अन्य प्रपत्र व सूचना भी उपलब्ध है।


प्रपत्र  संख्या-6
(देखिये नियम 17(2)

आवेदन प्रपत्र

सहायक आयुक्त, देवस्थान,
................................................,क्षेत्र
................................................
.................................................................................लोक न्यास के संबंध में। 

मै.....................................................................................जो उपर्युक्त लोक न्यास का कार्यवाहक न्यासी हू, राजस्थान लोक न्यास अधिनियम, 1959 की धारा 17 के अन्तर्गत उक्त न्यास के रजिस्ट्रीकरण के लिये एतद् द्वारा आवेदन करता हूँ।

2. मै निम्नलिखित आवश्यक विवरण प्रस्तुत करता हूँः-

(1) न्यास की उत्पत्ति (जहां तक ज्ञात हो), उसका स्वरूप तथा उसके उद्देश्य और नाम, जिससे उक्त न्यास पुकारा जाता है अथवा पुकारा जायेगा।

(2) उक्त लोक न्यास का मुख्य कार्यालय अथवा कार्य करने का मुख्य स्थान स्थित है।

(3) कार्यवाहक न्यासी तथा प्रबंधक के नाम तथा पते।

(4) न्यासी पद के उत्तराधिकार का तरीका।

(5) चल सम्पत्ति के ब्यौरे, जिसमें उस सम्पत्ति के प्रत्येक वर्ग का अनुमानित मूल्य भी दिया हुआ हो।

नोट :(ऐसी सम्पत्ति के वर्गो के स्थुल विवरण देकर प्रविष्टियां करनी चाहिये। जैसे फर्नीचर, पुस्तकें इत्यादि न कि प्रत्येक वर्ग के लिये पृथक-पृथक रूप से। नकदी संबंधी प्रविष्टि केवल तब ही की जानी चाहिये, जबकि उक्त नकदी, न्यास के मूलधन का अंग हो। दस्तावेजों की दशा में प्रत्येक प्रतिभूति, स्टॉक, शेयर तथा डिबेन्चर के नम्बर सहित, विवरण दीजिये)।

(6) अचल सम्पत्ति का ब्यौरा, जिसमें वह गाँव या कस्बा जहां वह स्थित है, म्युनिसिपल या सर्वे खसरा नम्बर, क्षेत्रफल, निर्धारित कर, धारणाधिकार, जिसके आधार पर धारित है,का वर्णन भी बताये हुऐ हों,ख् अधिकार-अभिलेख, नगर सर्वे-अभिलेख या  म्युनिसिपल अभिलेख में सम्पत्तियों के संबंध में प्रविष्टिया, (यदि उपलब्ध) हो की प्रमाणित प्रतिलियां साथ लगाये।

1.
2.
3.
4.

(ख)

1.
2.
3.
4.

(7) आय का अन्य स्त्रोत।

(8) औसत वार्षिक सकल आय (चल व अचल सम्पत्तियों तथा अन्य स्त्रोतो से)।

नोटः- यह उस तारीख से, जिसको कि आवेदन पत्र दिया जाय, तुरन्त पूर्ववर्ती तीन वर्ष की अवधि अथवा उक्त न्यास के सृजन के उपरान्त व्यतीत अवधि, जो भी अवधि कम हो, के दौरान में हुई वास्तविक सकल आय पर तथा किसी नवसृजित लोक न्यास की दशा मे, समस्त स्त्रोतों से प्राप्त अनुमानित वार्षिक सकल आय पर आधारित होनी चाहिये।

(9) औसत वार्षिक व्यय :- ख्जिसका अनुमान ऐसे व्यय पर, जो उस अवधि के भीतर, जिसका संबंध खण्ड (8) के अन्तर्गत दिये गये विवरणों से है, किया गया हो तथा किसी नव-सृजित लोक न्यास की दशा में अनुमानित वार्षिक व्यय पर लगाया जाये।,

(क) न्यासी तथा प्रबंधक के पारिश्रमिक पर।
(ख) कर्मचारी वर्ग तथा सेवकों पर।
(ग) धार्मिक उद्देश्यों पर ।
(घ) पुण्यार्थ उद्देश्यों पर।
(ङ) विविध मदों पर।

(10) प्रभारों के विवरण, यदि प्रन्यास की सम्पत्ति पर कोई प्रभार हो।

(11) न्यास की सम्पत्ति के संबंध में स्वत्व-विलेखों तथा न्यास लिखतों (यदि ऐसी लिखित निष्पादित की गयी है तथा विद्यमान है) के विवरण तथा उस न्यासी का नाम, जिसके कब्जे में वे हों।

(12) प्रबंधक या कार्यवाहक न्यासी का पता जहां पत्रादि भेजे जायेंगे।

(13) अभ्युक्तियां, यदि कोई हो। 

........................................शुल्क साथ प्रस्तुत किया जाता है।

स्थान......................

दिनांक....................

कार्यवाहक न्यासी या
प्रबंधकों के हस्ताक्षर

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